छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में (जीसीपी) को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया सवाल
Shantanu Roy
16 March 2026 8:55 PM IST

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छग
New Delhi. नई दिल्ली। देश में पिछले तीन सालों से ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) के अंतर्गत पर्यावरण को और बेहतर करने के लिए कार्बन को कम करने वाले पौधों को लगाया जा रहा है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को लोकसभा में इसी तरह के पौधों के विकास पर और उससे किए जा रहे। पर्यावरण संरक्षण पर कुछ अहम सवाल लोकसभा में उठाए। जिस पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) में समूचे देश में 4391 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया जा रहा है। इसी प्रोग्राम में छत्तीसगढ़ में 536 हेक्टेयर भूमि में वन उगाये जा रहे हैं।
गुजरात में सबसे ज्यादा 975 हेक्टेयर भूमि में और मध्यप्रदेश में 640 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्बन को कम करने वाले पौधों को लगाया जा रहा है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने बताया कि कार्बन को कम करने वाले पौधों की दीर्घकाल तक जीवित रहने की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे इलाके के 40% कैनोपी घनत्व पर बाकायदा ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) के अंतर्गत स्थापित पारिस्थितिक लक्षण को प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्रेडिट कार्ड भी जारी किए जाते हैं। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत 12 अक्टूबर 2023 को ग्रीन क्रेडिट नियम लागू किया था। जिसका उद्देश्य स्वैच्छिक आधार पर पर्यावरण के अनुकूल कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना है।
ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण और अवक्रमित वन भूमि के पारिस्थितिक पुनर्स्थापना की प्रक्रिया का भी विकास किया जाता है। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत प्रशासक है और इन नियमों के तहत ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के प्रबंधन, संचालन और जारी करने सहित इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अन्य उत्तरदायी भी है। ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) के लिए वन भूमियों पर किए जाने वृक्षारोपण कार्यों की उपयोगिता के आधार पर स्थानीय प्रजातियों के मिश्रण का उपयोग करना आवश्यक है। ताकि परिस्थितियों के अनुकूल वृक्षों के जरिए पर्यावरण का बेहतर संरक्षण किया जा सके। ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) में आवेदक को ग्रीन क्रेडिट तभी प्राप्त हो सकते हैं जब काम से कम 5 वर्षों का पुनर्स्थापना कार्य पूरा हो चुका हो और कम से कम 40% का कैनोपी घनत्व प्राप्त हो गया हो मतलब सिर्फ 40 फ़ीसदी क्षेत्र में कार्बन को कम करने वाले पौधों का विकास किया गया हो। साथ ही आरोपित पौधों और प्राकृतिक रूप से उगने वाले पौधों को परिपक्व होने के लिए 5 वर्ष की स्थापना अवधि निर्धारित की गई।
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